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क्या सरना हिंदू धर्म है? सरना धर्म और सनातन धर्म में अंतर | Sarna Religion

क्या सरना हिंदू धर्म है? सरना धर्म और सनातन धर्म में अंतर | Sarna Religion

 क्या सरना हिंदू धर्म है? सरना धर्म और सनातन धर्म में अंतर | Sarna Religion क्या सरना हिंदू धर्म है? यह सवाल आज झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई आदिवासी समाजों के बीच चर्चा का विषय है। यह केवल धर्म का सवाल नहीं है, बल्कि Adivasi Identity, Culture, Tradition, Nature Worship और धार्मिक पहचान से भी जुड़ा हुआ विषय है। कुछ लोग सरना परंपरा को भारतीय धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के व्यापक संदर्भ में देखते हैं, जबकि अनेक आदिवासी समुदाय सरना को अपनी पारंपरिक आस्था और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के रूप में मानते हैं। इस लेख का उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय के पक्ष अथवा विरोध में फैसला देना नहीं है। इसका उद्देश्य सरना धर्म, सरना परंपरा, हिंदू धर्म और Sarna Code की चर्चा को तथ्यात्मक और सरल भाषा में समझना है। सरना धर्म क्या है? Sarna Religion या सरना परंपरा मुख्य रूप से झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के कई आदिवासी समुदायों की पारंपरिक आस्था से जुड़ी है। अलग-अलग समुदायों में इसकी पूजा-पद्धति और मान्यताओं में स्थानीय विविधताएं भी मिलती हैं। झारखंड सरकार की वेबसाइट भी सरहुल को झारखंड की आदिवा...

Scheduled Tribes and Indian Constitution: अधिकार, पहचान और संघर्ष

Scheduled Tribes and Indian Constitution: अधिकार, पहचान और संघर्ष भारतीय संविधान (Constitution) ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया। इसमें अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को विशेष अधिकार दिए गए ताकि उनका अस्तित्व, संस्कृति और पहचान सुरक्षित रहे। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि आदिवासी समुदाय अभी भी अपने अस्तित्व (Existence) और अधिकार (Rights) के लिए संघर्ष कर रहा है। अनुसूचित जनजातियों की परिभाषा और संवैधानिक दर्जा अनुच्छेद 342 के तहत भारत सरकार उन समुदायों को अनुसूचित जनजाति घोषित करती है, जिन्हें सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़ा माना जाता है। 👉 विस्तार से यह चर्चा आप यहाँ देख सकते हैं: Adiwasi Panchmi: Anusuchi aur Samvidhanik Adhikar संविधान और अनुसूचित जनजातियों के अधिकार  समान अवसर और न्याय अनुच्छेद 15 और 16 : ST वर्ग को शिक्षा और नौकरी में भेदभाव से सुरक्षा। अनुच्छेद 46 : राज्य का कर्तव्य – उनकी शिक्षा और आर्थिक हितों का विशेष ध्यान। राजनीतिक प्रतिनिधित्व अनुच्छेद 330 और 332 : संसद और विधानसभाओं ...