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Why Indigenous Communities in India Are Fighting for Land Rights | भारत के आदिवासी समुदाय जमीन अधिकारों के लिए संघर्ष क्यों कर रहे हैं?

2027 Census and Tribal Identity: Sarna Code or Separate Adivasi Religion Code?

2027 Census and Tribal Identity: Sarna Code or Separate Adivasi Religion Code? भारत में जनगणना केवल लोगों की संख्या नहीं गिनती, बल्कि पहचान भी तय करती है। इसी वजह से 2027 Census को लेकर आदिवासी समाज में एक नई बहस शुरू हो चुकी है। “क्या Sarna Code ही पर्याप्त है, या अलग Adivasi Religion Code होना चाहिए?” झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बंगाल के गांवों में यह चर्चा अब चौपाल से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है। कुछ लोग Sarna Code को आदिवासी धर्म की आधिकारिक पहचान मानते हैं। वहीं कई युवा और सामाजिक संगठन अलग “Adivasi Religion Code” की मांग उठा रहे हैं। यह मुद्दा सिर्फ धर्म का नहीं है। यह अस्तित्व, संस्कृति, जंगल, परंपरा और आने वाली पीढ़ियों की पहचान का सवाल है। Sarna Code Kya Hai? | सरना कोड क्या है? Sarna एक प्रकृति आधारित आस्था प्रणाली मानी जाती है। आदिवासी समाज में साल वृक्ष, पहाड़, नदी, धरती और जंगल को पवित्र माना जाता है। झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में Sarhul, Karma और अन्य पारंपरिक पर्व इसी प्रकृति आधारित संस्कृति से जुड़े हैं। लेकिन लंबे समय तक भारत की C...

Tribal Discrimination: भारत में आदिवासी समाज के साथ होने वाला छुपा भेदभाव

Tribal Discrimination: भारत में आदिवासी समाज के साथ होने वाला छुपा भेदभाव भारत को अक्सर विविधताओं का देश कहा जाता है। यहाँ अनेक भाषाएँ, संस्कृतियाँ और समुदाय मिलकर समाज का निर्माण करते हैं। लेकिन इस विविधता के बीच एक ऐसा समुदाय भी है जिसे आज भी कई स्तरों पर भेदभाव का सामना करना पड़ता है — यह समुदाय है आदिवासी समाज। आदिवासी लोग सदियों से जंगल, जमीन और जल के साथ जुड़ी जीवनशैली में रहते आए हैं। उनकी संस्कृति प्रकृति के साथ संतुलन और सामूहिक जीवन पर आधारित रही है। लेकिन आधुनिक विकास की नीतियों, खनन परियोजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था ने कई बार उन्हें उनके अधिकारों से दूर कर दिया। Tribal discrimination अक्सर खुलकर दिखाई नहीं देता। कई बार यह नीतियों, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक व्यवहार और विकास के मॉडल में छिपा रहता है। इसलिए इसे समझना और उजागर करना जरूरी है। Tribal Discrimination क्या है? Tribal discrimination का अर्थ है आदिवासी समुदाय के साथ असमान व्यवहार या उनके अधिकारों से वंचित करना। यह भेदभाव कई रूपों में दिखाई देता है जैसे: जमीन से बेदखली शिक्षा में अवसरों की कमी सरकारी योजनाओं...

2026 में आदिवासी पहचान: विकास या विस्थापन? Adivasi Identity in 2026: Development or Displacement?

2026 में आदिवासी पहचान: विकास या विस्थापन? Adivasi Identity in 2026: Development or Displacement? 2026 is not just another year on the calendar, it is a turning point for Adivasi identity in India . जहाँ सरकार development, infrastructure, mining, smart cities और industrial corridors की बात कर रही है, वहीं Adivasi communities अपनी land, forest, water, culture and identity को बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं। The real question is simple but serious – Will development in 2026 empower Adivasis or displace them further? 2026 Development Model और Adivasi Reality India’s development model in 2026 is heavily driven by corporate investment, natural resource extraction, real estate expansion and mega infrastructure projects . Jharkhand, Chhattisgarh, Odisha and Madhya Pradesh – regions with the highest Adivasi population – are also the richest in minerals. On paper, this looks like growth. Ground reality पर यही development model land acquisition, forest diversion and forced di...